ज्ञानपुर। दशकों से सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए भूमाफियाओं पर कार्रवाई को लेकर योगी सरकार ने भले ही एंटी भूूमाफिया टास्क फोर्स का गठन कर दिया लेकिन गठन के पांच माह बाद एक भी भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं हो सकी। जिले में मात्र चार भूमाफिया चिन्हित हुए हैं। शासन ने 13 दिसंबर तक टापटेन भूमाफियाओं की सूची मांगी है जबकि जिले में मात्र चार ही भूमाफिया हैं। शासन और प्रशासन के उदासीनता के चलते जिले में तालाब, सरकारी जमीन, चारागाहों की जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। सरकारी आंकड़े भले ही इसे कम दर्शाते हैं लेकिन वर्तमान समय में तकरीबन दो हजार बीघे सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा है। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी जमीनों को कब्जे से मुक्त करने के लिए एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया। इसमें तीनों तहसीलों के अफसरों को नामित किया गया। टास्कफोर्स गठित होने के करीब पांच माह से अधिक का समय गुजर गया लेकिन इतने दिनों में मात्र भूमाफियाओं को चिन्हित किया गया। सबसे खास बात है कि जिले में मात्र चार भूमाफिया ही हैं। भूमाफियाओं पर अब तक हुई कार्रवाई को लेकर शासन स्तर पर 14 को बैठक होनी है, जिसके लिए जिलों से कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी है। शासन का निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन लेखाजोखा तैयार करने में जुट गया है। जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि भूमाफिया और अतिक्रमणकारी अलग-अलग होते हैं। जिले में भूमाफिया चार है जबकि अतिक्रमण करने वालों की संख्या 300 के करीब है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। 14 दिसंबर को एंटी भूमाफिया टास्कफोर्स की शासन स्तर पर बैठक होनी है। जिसके मद्देनजर रिपोर्ट मांगी गई है। उसे तीनों तहसीलों से मंगाकर भेजा जा रहा है।