ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत ने बुधवार को दहेज प्रताड़ना के मामले में पति को तीन वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। घटना के मुताबिक गोपीगंज नगर क्षेत्र की निशा दास ने आरोप लगाया था कि उनकी लड़की नलिनी दास की शादी 21 जून 1994 को मिर्जापुर रोड निवासी राम प्रसाद जायसवाल के पुत्र राम बाबू के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही नलिनी दास के परिवार वालों ने दोबारा दहेज में 50 हजार रुपये और बाइक की मांग की जाने लगी। दहेज न दिए जाने पर नलिनी के पति, सास और ससुर प्रताड़ित करते थे। 30 मार्च 1999 को मेरी पुत्री को उसके पति, सास और ससुर ने जलाकर मार डाला। थाना गोपीगंज द्वारा एफआईआर दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था। दौरान परीक्षण सास और ससुर की मृत्यु हो गई। अदालत में गवाहों का बयान दर्ज किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों और बहस को सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक की दुबे की अदालत ने अभियुक्त रमाशंकर उर्फ रामबाबू को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश पाल ने की।