ज्ञानपुर (भदोही)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की परत धीरे-धीरे खुल रही है। ग्रामसभाओं में मानक और नियमों को ताख पर रखकर कैसे पात्रता का आवंटन किया गया है। इस तरह की गड़बड़ी पकड़ में आने लगी है। बीडीओ की जांच में डंगहर गांव में नौ और अपात्रों को पीएम आवास आवंटित मिला। उनके खिलाफ साढ़े तीन लाख की रिकवरी संग सेक्रेटरी और प्रधान पर कार्रवाई के लिए संस्तुति की गई।
छतविहीन परिवारों को पक्का आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया है। जिले में वित्तीय वर्ष के दौरान कुछ माह पूर्व अभियान चलाकर पात्रों का चयन किया गया। पात्र लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता बरतने के साथ ही मानकों पर ध्यान रखने का खास निर्देश दिया गया था, लेकिन जिले के कुछेक गांवों को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर गांवों में आवास आवंटन में मनमानी ढंग से आवंटन किया गया। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मनमानी से आवंटन के बाद पहली किस्त के रूप में लाभार्थियों के खाते में 40-40 हजार भेज दिया गया। गत दिनों आईजीआरएस पर शिकायत के बाद डीएम विशाख जी ने बीडीओ सुरियावां ऊषा पाल को जांच सौंपी थी। जांच के दौरान तारा देवी, गंगाधर, अच्छेलाल, लगलाटी देवी, लालू राम, पान कुमारी समेत नौ अपात्र मिले। बीडीओ की जांच आख्या के बाद सीडीओ हरिशंकर सिंह ने सभी से रिकवरी का आदेश देते हुए सेक्रेटरी और प्रधान के खिलाफ कार्रवाई को कहा।