ज्ञानपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट के मामले में तीन युवकों को सात-सात साल कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार राजीव विश्वकर्मा ने 11 अप्रैल 2006 को सुरियावां थाने में पार्थना पत्र दिया कि रात आठ बजे उसका भाई संजय विश्वकर्मा गेहूं की फसल कटवाने के लिए मजदूरों से बात कर घर लौट रहा था। उसी दौरान मारने की नियत से दिनेश, सुरेश, रमेश विश्वकर्मा पुत्र खुड़भुड़ और रमेश तिवारी पुत्र आशाराम तिवारी निवासी भीमसेनपुर लोहे और राड से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए घर में घुसा तो वहां भी सभी ने परिवार के अन्य सदस्यों को मारापीटा। पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित किया गया। दोनों पक्षों के विद्वान अधिवक्ताओं की बहस-पैरवरी के बाद न्यायाधीश कुलदीप कुमार द्वितीय ने दिनेश, रमेश और सुरेश विश्वकर्मा को दोषी पाते हुए सात साल कारावास की सजा सुनाई। ब्यूरो