ज्ञानपुर। असुरक्षित ढंग से सिलिंडर लादकर सड़कों पर चल रहे ट्रक और ट्रेलर खतरे का सामान बन गए हैं। चिलचिलाती धूप में सिलेंडर लादकर दौड़ रहे ट्रकों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यही हाल गैस एजेंसियों का है। यहां भी अग्निशमन यंत्र केवल दिखावा भर हैं। देखरेख के अभाव में समय पर वे काम आ भी पाएंगे, इसको लेकर संदेह है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो आश्चर्य की बात नहीं।
मार्च में ही तापमान चढ़ने से शुरू हुईं अगलगी की घटनाओं ने जहां किसानों से लेकर आमजन की चिंता बढ़ा दी है, वहीं पेट्रोल एवं डीजल के लंबे-चौड़े कारोबार के साथ रसोई गैस की आपूर्ति करने वाली नामचीन कंपनियां भी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संजीदा नहीं हैं। प्लांटों से लेकर एजेंसियों तक और फिर उपभोक्ताओं तक रसोईं गैस की होम डिलिवरी भी असुरक्षित ढंग से हो रही है। समय रहते आपूर्ति और अग्निशमन विभाग नहीं चेता तो पूर्व के दिनों में हो चुकीं गंभीर घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता। सड़कों पर वाहनों में ज्वलनशील पदार्थ और रसोईं गैस के सिलिंडर बिना समुचित सुरक्षा के ढोए जा रहे हैं। गौरतलब है कि विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों से वितरण अधिकार लेकर रसोईं गैस मुहैया कराने वाले वितरकों की संख्या जिले में तीन दर्जन से अधिक है। एजेंसी प्राप्त करने के लिए लोग एड़ी-चोटी का जोर लगाने के साथ ही कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत भी कर लेते हैं। यहीं से मानकों की अनदेखी भी शुरू हो जाती है। गिनती की एजेंसियों को छोड़ दिया जाए तो अधिसंख्य एजेंसियां न तो आपूर्ति विभाग के मानक पूरे कर पाती हैं ना ही अग्निशमन विभाग का। साख जमाकर उपभोक्ताओं को अपने चंगुल में फंसा लिया जाता है। कनेक्शन देने के नाम पर बिल से दोगुनी रकम भी वसूली जाती है। यही नहीं एजेंसी संचालक होम डिलिवरी के नाम पर वाहनों में गैस भरे बाटल लेकर दौड़ा देते हैं। नगर क्षेत्र हो या ग्रामीण आबादी, हर जगह बिना सुरक्षा कवच के एजेंसीकर्मी चक्कर लगाते रहते हैं। कारोबार की निगरानी करने वाला आपूर्ति विभाग भी मौन साधे रहता है।
अग्निशमन अधिकारी अनिल प्रताप सरोज ने कहा कि सुरक्षा कवच की अनदेखी करने वाले एजेंसी संचालकों के खिलाफ अभियान चलाकर जांच-पड़ताल की जाएगी। कमियां मिलने पर नोटिस जारी होगा। बताया कि गैस गोदाम का मामला हो या फिर सड़कों पर गैस भरे वाहनों का, हर समय अग्निशमन यंत्रों की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था होने के साथ ही अगलगी की स्थिति से निपटने के माकूल इंतजाम होने चाहिए।