ज्ञानपुर (भदोही)।
जिले में सरकारी और सार्वजनिक महत्व की करीब एक हजार बीघे जमीन पर भू माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। योगी सरकार की एंटी भू-माफिया टास्कफोर्स भी जमीन के इन सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है। सबसे खास बात यह है कि प्रशासन की ओर से अब तक जिले में मात्र तीन भूमाफिया ही चिह्नित हुए हैं। कार्रवाई न होने से सार्वजनिक जमीनों के संरक्षण का आंदोलन कर रहे लोगों की उम्मीद भी धूमिल होती जा रही है।
सरकारी जमीनों पर कब्जे को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लेते हुए एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया। प्रशासन से भू-माफियाओं की सूची बना कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया था। कुछेक मामलों में कार्रवाई हुई लेकिन इनमें ज्यादातर छोटी ही मछलियां थीं। बड़े भूमाफिया अपनी पहुंच के बल पर कार्रवाई की जद की आने में साफ बच गए। कई कार्रवाई में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक ने भू-माफियाओं को कोर्ट से स्टे लेने का मौका भी मुहैया कराया। इससे वह कार्रवाई की जद से बाहर भी हो गए। ज्ञानपुर के भुड़की, गिरधरपुर, भिदिउरा में कुछ बिस्वा जमीनों से अवैध कब्जा हटा जबकि जिले में कई स्थानों पर अवैध कब्जा है। 561 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों वाले जिले में करीब तीन हजार से अधिक तालाब हैं। जिनमें दो हजार तालाबों पर कुछ न कुछ कब्जा है। इसी तरह चारागाह, भींटा, ग्राम समाज की जमीन पर भी अवैध तरीके से कब्जा है।
सरकारी रिकार्ड में सिर्फ 36 हेक्टेअर पर कब्जा
ज्ञानपुर। जमीनों के अतिक्रमण के मामले में प्रशासन का आंकड़ा कुछ अलग ही कह रहा है। नजारत में मौजूद रिकार्ड पर नजर डाली जाए तो 36 हेक्टअर यानी 160 बीघे जमीन अतिक्रमण की जद में है। इसमें 32 हेक्टेअर से प्रशासन ने कब्जा हटवा लिया है। राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत न्यायालयों में 55 से अधिक मामले लंबित हैं। अगर प्रशासन के आंकड़ों को देखा जाए तो अब सिर्फ चार हेक्टेअर जमीनों पर ही अवैध कब्जा है।
ग्राम समाज, तालाब और चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों पर प्रशासन की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। राजस्व विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर अवैध कब्जा है उसे हटवाया जाएगा। - हरिलाल यादव, एडीएम भदोही