ज्ञानपुर। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक छुट्टा घूम रहे गोवंश ने किसानों, राहगीरों की परेशानी बढ़ा दी है। गोवंशों को पकड़ने के लिए तीन कैटिल कैचर केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। छुट्टा गोवंशों के कारण फसलों को तो नुकसान पहुंच ही रहा है। दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ज्ञानपुर नगर की सड़कों पर छुट्टा गोवंश परेशानी का सबब बने हुए हैं। मुख्यालय होने के बाद छुट्टा पशुओं को पकड़ा नहीं जा सका है। दुर्गागंज तिराहे से केवल 100 मीटर की दूरी पर पशुपालन विभाग का कार्यालय है। जिले में स्थायी और अस्थाई कुल 31 गोशाला है, जिनमें 76 सौ गोवंश संरक्षित है। विभाग का दावा है कि अभियान चलाकर गोवंश को पकड़ा जाता है लेकिन हकीकत इससे अलग है। गोपीगंज, भदोही, ऊंज, सुरियावां, दुर्गागं सहित अन्य जगहों पर छुट्टा गोवंशों का असर देखा जा रहा है। विभाग का कैटिल कैचर बेकार पड़ा है। बताया जा रहा है कि पशुपालन विभाग के कैटिल कैचर चलाने के लिए डीजल का बजट नहीं है। सीवीओ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि पिछले महीने चार्ज लिया है। तब से निरंतर कैटिल कैचर से गोवंश पकड़े जा रहे हैं और गोशाला में भेजा रहा है।