लालानगर। नाबालिग से छेड़खानी और धमकी देने में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
पीड़िता की मां ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया कि नौ सितंबर 2025 को 15 वर्षीय बेटी स्कूल जा रही थी। शिवा गौतम बेटी को रास्ते में रोककर साइकिल पर बैठने के लिए कहने लगा। आरोप है कि 12 नवंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे बेटी घर लौट रही थी। शिवा ने पीछे से उसे पकड़ लिया। शोर मचाने पर उसका भाई मौके पर पहुंचा। इस पर आरोपी धमकी देते हुए चला गया। कुछ देर बाद शिवा व जितई, जैकी, संचन गौतम और राजमनि लाठी-डंडे लेकर उनके घर पहुंच गए। दरवाजा बंद होने पर आरोपितों ने खिड़की और दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। छह जुलाई को रास्ते में छेड़खानी तथा स्नान करते समय फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय प्रकृति का अपराध माना। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट दुर्गेश ने प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए प्रभारी निरीक्षक को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।