ज्ञानपुर। जिले के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल महाराजा बलवंत सिंह में लगा पोर्टेबल एक्स-रे चार साल से नहीं चल रहा है। प्रिंटर न होने से अब तक इसे इंस्टाल नहीं किया जा सका है। हालांकि अस्पताल में मैनुअल एक्स-रे की व्यवस्था है। मशीन से मरीज के बेड तक एक्स-रे की व्यवस्था होती है लेकिन फिलहाल मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल प्रशासन चार बार प्रिंटर की मांग कर चुका है। इसके बाद भी प्रिंटर नहीं मिल सका है। जिले के भदोही स्थित एमबीएस अस्पताल में 2021 कोविड काल में शासन स्तर से गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन आई थी। हालांकि इसका प्रिंटर नहीं आ सका। इस मशीन से पोर्टेबल मरीज के बेड के पास ले जाकर डिजिटल एक्स-रे किया जा सकता है। इसमें मरीज को बेड से उठने की जरूरत नहीं पड़ती है। अस्पताल में रोजाना 700 से 800 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें करीब 50 से 60 मरीजों को एक्स-रे की जरूरत पड़ती है। हालांकि अस्पताल में मैनुअल एक्स-रे होता है। इससे मरीजों का एक्स-रे किया जाता है। डिजिटल एक्स-रे के लिए मरीज को निजी सेंटर का रुख करना पड़ता है, जहां उन्हें 250 से 300 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसके अलावा परेशानी ऊपर से झेलनी पड़ती है। अस्पताल प्रशासन ने डिजिटल एक्स-रे की मांग शासन से की है।