पत्रक में कहा कि परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन का पैसा और ग्राम निधि के खाते में विकास का पैसा छह माह से नहीं आ रहा है। मार्च 2015 के बाद दोनों खातों में पैसा नहीं आया, इससे एमडीएम बनवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी से वार्ता करने पर पता चलता है कि फाइल डीएम कार्यालय गई है। इसी तरह ग्राम निधि पर डीपीआरओ भी इसी तरह फाइल लटकने की बात कहते हैं। दोनों खातों में पैसा न आने से गांव का विकास कार्य प्रभावित है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि अविलंब पैसा नहीं भेजा गया तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। पत्रक देने वालों में मुन्ना पांडेय, जोगेंद्र मौर्य, विनय राय, सूर्यमणि यादव, ज्ञान प्रकाश यादव, फूलचंद्र आदि रहे।