भदोही। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) कारपेट सिटी-2 को मूर्त रूप देने के लिए सलाहकार नियुक्त करेगी। सलाहकार से योजना की व्यवहारिकता पर विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद की अध्यक्षता में बुधवार को बीडा बोर्ड की 82वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस दौरान मास्टर प्लान में संशोधन कर उसमें पार्क की व्यवस्था और मोरवा नदी के सुंदरीकरण को शामिल किए जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में वार्षिक बजट के लिए 1458.10 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। बैठक में आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के पदाधिकारियों ने भी अपनी समस्याएं रखीं।
भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के बोर्ड की बैठक पहली बार जिले में हो रही थी। बोर्ड की बैठक में कालीन निर्यातकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। उन्होंने पहली बार तैयार हुए मास्टर प्लान में पार्क की व्यवस्था और मोरवा नदी के सुंदरीकरण प्लान को उच्च प्राथमिकता के साथ शामिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्पेट सिटी फेज टू का काम आगे बढ़ाने के लिए सलाहकार नियुक्त करें, जो उसकी व्यवहारिकता पर अपनी रिपोर्ट बीडा को दे सकें। बताया कि सलाहकार किसानों की भूमि की कीमतों के अलावा योजना में भूमि की कीमत क्या रखी जाए। इस पर अपनी रिपोर्ट देंगे। जिसके बाद तेजी से काम आगे बढ़ सकेगा।
बोर्ड की बैठक के दौरान रजपूरा में बनकर तैयार बीडा मार्ट में दो और तल के दुकानों और हाल की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू करने की मंजूरी दी गई। इस बार बीडा के वार्षिक बजट 1458.10 लाख की स्वीकृति हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कार्पेट सिटी में जो सीईटीपी स्थापित किया गया है, उसपर उद्यमियों के साथ बैठक कर उसे चलाने पर विचार करें। इसके साथ ही बीडा के ऐसे आवंटी जिनके द्वारा संपत्तियों का निबंधन नहीं कराया जा रहा है, उनसे विलंब शुल्क अधिकतम 16 हजार व संपत्ति के मूल्य का 10 प्रतिशत वसूलने का निर्णय लिया गया। ऐसे आवंटी जो बकाया किस्त नहीं जमा कर रहे हैं। उनसे विलंब ब्याज में कमी करते हुए ओटीएस योजना लाकर बकाया धनराशि वसूले जाने पर बैठक में निर्णय हुआ। बैठक में डीएम गौरांग राठी, बीडा सीईओ प्रेम रंजन सिंह, एसडीएम शिव प्रकाश यादव, उमेश सिंह, संयुक्त आयुक्त उद्योग, डाॅ. आरके उदयन, सहयुक्त नियोजक, वाराणसी, ओपी सिंह, एक्सईएन बीडा, एकमाध्यक्ष मो. रजा खां, ओएन मिश्र, असलम महबूब आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
भदोही। बीडा का विभिन्न योजनाओं के आवंटियों पर 2.86 करोड़ सर्विस चार्ज बकाया देख कर अपर मुख्य सचिव ने वसूली की प्रगति पर काफी नाराज हुए। उन्होंने कहा कि बीडा जितना वसूल नहीं पाती उससे अधिक खर्च कर दे रही है जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने बीडा अधिकारियों को सर्विस चार्ज की वसूली के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश भी दिए। जब उन्हें बताया गया कि भारी संख्या में लोग कापेर्ट सिटी में भूमि आवंटित कराने के बाद भी वहां उद्योग स्थापित नहीं कर रहे हैं तो उन्होंने ऐसे लोगों की सूची बनाकर नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश भी बीडा सीईओ को दिया।
उद्यमियों को पहली बार बोर्ड के समक्ष रखी अपनी समस्याएं
भदोही। जिले में पहली बार हो रही इस बैठक में उद्यमियों को पहली बार अपनी समस्याएं बोर्ड के सामने रखने का मौका मिला। जिसमें उद्यमियों ने व्यवसाय से जुड़ी तमाम समस्याओं को बीडा बोर्ड की बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद के सामने रखी। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) के अध्यक्ष मो. रजा खां ने बताया कि बीडा विकास शुल्क 400 रुपये प्रति वर्ग मीटर लिया जाना न्यायसंगत नहीं है। इससे बहुत से उद्यमी बीडा परिक्षेत्र के अंदर उद्यम स्थापना से कतरा रहे हैं। इसलिए उद्यमी हित को देखते इसे कम किए जाने की मांग की। ऑल इंडिया कारपेट यार्न स्पीनर्स एंड डिलर्स एसोसिएशन एसीस्डा की ओर से जेएस जैन ने कहा कि बीडा की ओर से आवंटियों से विलंब शुल्क काफी ज्यादा मांगा जा रहा है, जो हर कोई देने में सक्षम नहीं है। इसलिए बीडा की ओर से इसमें राहत दी जाए।