विद्युत वितरण खंड द्वितीय ने नए कटरा फीडर का निर्माण शुरू कर दिया है। 20 लाख की लागत से बन रहे इस फीडर का संचालन वहिदानगर 33/11 विद्युत केंद्र से होगा। फीडर चालू होने के बाद दर्जनों गांवों में व्यवधानमुक्त आपूर्ति मिल सकेगी। तीन साल पहले बनी कार्ययोजना के लिए शासन की ओर से धनराशि मिलने के बाद कार्य शुरू हो चुका है।
वहिदानगर 33/11 विद्युत केंद्र से बीते दो दशक पहले चार फीडरों का संचालन हो रहा था। इसमें कटरा, रमईपुर, अकोढ़ा और नवधन शामिल थे। उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने के साथ ही अरता और एक अन्य फीडर का संचालन शुरू हुआ। इसके अलावा तीन उपकेंद्र रमईपुर, सेमराध और सीतामढ़ी के साथ ही हाईवे की स्ट्रीट लाइट तक विद्युत सप्लाई का जिम्मा वहिदानगर विद्युत केंद्र पर ही है। ऐसे में लगातार बढ़ते भार के कारण अक्सर ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और विद्युत कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कटरा फीडर बनाए जाने के साथ ही उसमें इनकमिंग और आउटगोइंग मशीनें भी लगाई जाएंगी। इससे वाराणसी-प्रयागराज रेलखंड की उत्तरी और दक्षिणी छोर पर 20-20 गांवों का विभाजन हो जाएगा और लोकल फाल्ट, उपकरणों में तकनीकी गड़बड़ी की समस्याएं कम हो सकेंगी। अवर अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि तीन साल पहले कटरा फीडर के लिए कार्ययोजना भेजी गई थी। इसके लिए 20 लाख रुपये की धनराशि मिलने के बाद काम भी शुरू करा दिया गया है। इससे काफी हद तक विद्युत की तकनीकी समस्या दूर हो सकेगी।
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रेलवे क्रॉसिंग बदल रही दिशा
ज्ञानपुर। कटरा निर्माण के दौरान पास के रेलवे क्रॉसिंग से समस्या हो रही है। इससे बचाव के लिए ठेकेदार लंबी दूरी तय कर तारों व खंभों का लगा रहे हैं। ऐसे में नवधन व दरवासी गांव के किसानों का कहना है कि रेलवे विभाग से अनुमति लेने से बचने के चक्कर में ठेकेदार लंबी दूरी से तारों व खंभों का जाल बिछा रहे हैं। इससे कई किसानों के खेतों में भी खंभे लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिशासी अभियंता सदर आदित्य पांडेय ने कहा कि वे तकनीकी टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर हकीकत देखेंगे। संवाद