बीएचयू आईटी टीम के इंतजार में नाले का निर्माण लटका
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-खमरिया नगर प्रशासन जमा कर चुका है सवा लाख शुल्क
-खमरिया में कालीन कंपनियों से निकलने वाले गंदे व रासायनिक पानी के लिए होना नाली का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर/घोसिया। खमरिया नगर पंचायत में कालीन कंपनियों से निकलने वाले रासायनिक व गंदे पानी के लिए होने वाले वृहद नाले का निर्माण लटकता दिख रहा है। सात महीने बाद भी बीएचयू की आईआईटी टीम नगर पंचायत के सीमावर्ती जगापट्टी गांव में नहीं पहुंच सकी है। शासन की ओर से वृहद नाला निर्माण के लिए मार्च महीने में ही छह करोड़ रुपये की संस्तुति हो चुकी है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही शासन की ओर से धनराशि स्वीकृति होने पर नाला निर्माण हो सकेगा। टीम के न आने से नाला निर्माण तो अटका ही है। वहीं किसानों की समस्या का भी समाधान नहीं हो सका है।
खमरिया नगर पंचायत में स्थित कालीन कंपनियों से निकलने वाला रासायनिक व गंदा पानी सीमावर्ती जगापट्टी गांव के किसानों की फसलों को बर्बाद कर देता है। किसानों की शिकायत के बाद तत्कालीन कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्रा के निर्देश पर दो बार मिर्जापुर सदर विधायक सहित तकनीकी टीमें सीमावर्ती जगापटटी का भौगोलिक स्थिति का निरीक्षण करने पहुंची थी। हालांकि समस्या का ठोस समाधान न होने पर किसानों ने दिसंबर 2022 में फिर से शिकायत की। जिसपर सख्ती दिखाते हुए मंडलायुक्त ने भदोही और मिर्जापुर से जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, नगर पंचायत प्रशासन को जांच करने का निर्देश दिया। जिसके बाद विभाग की टीम पुलिस बल के साथ आगणन रिपोर्ट तैयार की। जिसमें यह पाया गया कि नगर पंचायत खमरिया की ओर से आ रहे गंदा और रासायनिक पानी किसानों के उपजाऊ खेतों को प्रभावित कर रही है। फाइनल आगणन रिपोर्ट के लिए बीएचयू की आईटी टीम से पत्राचार भी किया गया, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी अब तक बीएचयू की आईटी टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी है। जिससे वृहद नाला निर्माण का मामला अटका हुआ है। प्रभारी अवर अभियंता नगर पंचायत खमरिया विनोद कुमार ने कहा कि संयुक्त टीम की रिपोर्ट पर लगभग छह करोड़ से वृहद नाला स्वीकृत है। वृहद नाला निर्माण में अंतरिम रिपोर्ट बीएचयू आईआईटी टीम को लगाना है। टीम के लिए निर्धारित शुल्क भी लगभग सवा लाख रुपये जमा कराया जा चुका है। अब सिर्फ टीम के आने की देरी है।