शासन-प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी जिले में अवैध स्कूलों का संचालन बंद नहीं हो रहा है। कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराकर 12वीं तक की कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी ऐसे सेंटरों पर हर रोज छात्र-छात्राओं संग अभिभावकों की भीड़ उमड़ रही है। मंडलायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस और बीएसए को कार्रवाई का निर्देश दिया। जिले में 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट सरकारी स्कूल हैं। इसके अलावा 300 से अधिक मान्यता प्राप्त विद्यालय आठवीं तक संचालित हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 183 स्कूल छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए चल रहे हैं। इसके बाद भी 250 से अधिक अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं। शिकायतों के बाद भी उनको बंद नहीं किया गया। शिक्षा विभाग के लिपिकों और खंड शिक्षा अधिकारियों की कृपा से स्कूल का संचालन बेरोकटोक हो रहा है। नजीर के तौर पर अभोली में कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराकर अवैध स्कूल संचालित है। संचालक पहली से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेकर दूसरे स्कूलों से अटैच करता है। कोरोना काल में जहां सभी स्कूल बंद चल रहे हैं वहीं यहां हर रोज 20 से 25 लोगों की भीड़ जुटती है। दो साल पूर्व उक्त कोचिंग संचालक सहित पांच अवैध स्कूलों के खिलाफ डीआईओएस ने मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति कर संबंधित थाने को पत्र लिखा, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कनकपुर निवासी दिनेश यादव की शिकायत पर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र ने बीएसए और डीआईओएस को अवैध स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया। डीआईओएस नंदलाल ने कहा कि मंडलायुक्त का पत्र आया है। जल्द ही ऐसे स्कूलों और संचालकों पर कार्रवाई होगी।