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Bhadohi News: सर्द हवा और धुंध ने बढ़ाई अस्थमा मरीजों की परेशानी

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जिला अस्पताल की ओपीडी में खड़े मरीज। संवाद
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ज्ञानपुर। सर्द हवाओं, धुंध और बढ़ते प्रदूषण के साथ वायरल संक्रमण ने लोगों के स्वास्थ्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। विशेष रूप से फेफड़े, अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित मरीजों के लिए यह मौसम मुसीबत भरा है। सांस फूलना, लगातार खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट जैसी शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में मरीज अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस तरह के करीब 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर की उम्र 55 साल के पार है। जिले का एक्यूआई उच्चतम 160 तक पहुंच जा रहा है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि इस तरह के मौसम में बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बुजुर्गों में सांस संबंधी समस्याएं अधिक गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को समय-समय पर जांच और उचित उपचार कराना चाहिए। वहीं नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार पर फोकस करना चाहिए।
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सर्दियों में बरतें ये सावधानियां

- सुबह-शाम बाहर निकलते समय नाक और मुंह को मास्क से ढकें, ठंडी हवा सीधे श्वसन तंत्र में न जाएं।

- अस्थमा के मरीज अपने इन्हेलर और दवाओं का नियमित रूप से सेवन करें।

- घर और कमरे को धूल और फफूंद से मुक्त रखें। यह श्वसन संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।
- गुनगुना पानी, सूप और हर्बल काढ़े का सेवन गले और फेफड़ों को आराम पहुंचाता है।
- धूम्रपान फेफड़ों के लिए हानिकारक है। इससे दूरी बनाएं।
- बुजुर्गों को हल्का योग और श्वसन अभ्यास करना चाहिए, इससे उनकी श्वसन क्षमता बेहतर बनी रहे।
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