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Bhadohi News: 250 केंद्रो पर बच्चों को नहीं मिल रहा है गरमागरम भोजन

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ज्ञानपुर। जिले के 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गरमागरम भोजन नहीं मिल रहा है। आठ माह बाद भी केंद्रों पर अब तक हाॅटकुक्ड योजना शुरू नहीं हो सकी है। डीएम और सीडीओ की हिदायत के बाद भी 100 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को ग्राम प्रधान ने बर्तन और जरूरी उपकरण खरीद कर नहीं दिए हैं।
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जिले में 1496 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें सवा लाख बच्चे पंजीकृत हैं। कुपोषण उन्मूलन के लिए पांच साल के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर गरमागरम भोजन दिया जाता था। पांच साल पहले हॉटकुक्ड योजना शासन ने बंद कर दी थी। करीब आठ महीने पूर्व योजना दोबारा शुरू हुई। जिले के अधिकतर गांवों में हाॅटकुक्ड बनाने के लिए पैसा जारी होने के बाद भी प्रधान और कोटेदार सहयोग नहीं कर रहे हैं। वे बर्तन और जरूरी सामान नहीं खरीद रहे हैं। इससे 1496 केंद्रों में से करीब 250 केंद्र पर गरमागरम भोजन नहीं बन पा रहा है। औराई ब्लॉक के जेठूपुर, पुरुषोत्तमपुर, भदोही ब्लॉक के दानूपट्टी, चकभूईधर, चौरीखास, में केंद्रों बच्चों को पोषाहार (कच्चा अनाज) ही दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को गरमागरम भोजन देने के लिए शासन की ओर से प्रति बच्चा सवा 4 रुपये की दर से बजट जारी किया गया है। इनसेट
12 हजार बच्चे मिले थे कुपोषित
ज्ञानपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तमाम योजनाओं के बाद भी कुपोषण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। आइसीडीएस विभाग पड़ताल में जिले के सवा लाख बच्चों में से 12 हजार 206 कुपोषण से ग्रसित पाए गए हैं। आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण जरूरमंदो तक सुविधाएं न पहुंचने के कारण कुपोषण का खात्मा नहीं हो पा रहा है। अप्रैल 2024 में विभाग की तरफ से कराए गए वजन में यह आंकड़े आए हैं।
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इनसेट
डीएम की हिदायत के बाद काफी ग्राम पंचायतों में बर्तन आदि की खरीदारी की गई। जिससे तीन महीने के अंदर 696 केंद्रो में 450 के करीब पर हाटकुक्ड बनना शुरू हो गया। बच्चों पर मिलने वाला खर्च बिना कुक्ड बनाए नहीं निकाला जा सकेगा। प्रयास है कि 15 अगस्त से पहले शत प्रतिशत केंद्रो पर योजना शुरू हो जाए- मंजू वर्मा, डीपीओ
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