ज्ञानपुर। ठंड अब धीरे धीरे अपना तेवर दिखाना शुरू कर दी है। सुबह शाम गलन बढ़ गई है। इस मौसम में बच्चों में कई तरह की बीमारियां होने की आशंका रहती है, जबकि बुजुर्गों को भी इस समय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बदलते मौसम में बच्चों में निमोनिया होने की आशंका रहती है। शुरुआती ठंड को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं, जबकि इस समय सावधानी बरतना लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। चिकित्सक बताते हैं कि ठंड से होने वाली बीमारियों में सावधानी ही बचाव का एक मात्र उपाय है। गुलाबी ठंड के बाद सुबह शाम गलन बढ़ने लगी है। ऐसे मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया है कि अधिकतर बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार के चपेट में आ रहे है। कुछ बच्चों में डायरिया के भी असर देखने को मिल रहे। ठंड लगने के कारण कोल्ड डायरिया होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में बच्चों में सर्दी, खांसी, निमोनिया और पीलिया होने की संभावना अधिक रहती है। वाओं का सेवन करते रहें।