ज्ञानपुर। आजकल हर हाथ में मोबाइल है। उसका कुछ लोग सदुपयोग करते हैं तो कोई दुरुपयोग। बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल इतना ज्यादा करते हैं कि उन्हें बीमारी हो जाती है। ज्यादा देर तक सोशल मीडिया के इस्तेमाल से उनके व्यवहार में तेजी से बदलाव होने का मामला सामने आ रहा है। डॉक्टरों की मानें तो बच्चों में धैर्य की कमी, चिड़चिड़ापन, आक्रामकता की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ बच्चे अपनों की बातों को भी नजरअंदाज करते हैं।
जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की मानें तो बच्चे जब ज्यादा देर तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो वे बाहरी चीजों के बारे में कुछ सोच नहीं पाते। इतने रम जाते हैं कि कोई उन्हें रोकता है, टोकता है तो खराब लगता है। कहीं भी होते हैं तो उनका ध्यान सोशल मीडिया पर ही रहता है। यहीं कारण है कि बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा सहित उनके धैर्य में कमी आ रही है। साथ ही परिवार के प्रति बच्चों के व्यवहार में बदलाव देखा जाता है। जिसे लेकर अभिभावक बड़े ही चिंतित रहते हैं। चिकित्सकीय भाषा में इसे मोबाइल एडिक्शन नाम दिया गया है।