मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बुधवार को भदोही कोतवाली के पिपरीस जालसाजी प्रकरण की सुनवाई कर जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश प्रभारी निरीक्षक को दिया। अभियोजन की ओर से पिपरीस निवासी एक व्यक्ति ने 156(3) के तहत वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई थी। आरोप है कि 2015 में बैंक के एक दलाल ने लगभग 12 ग्रामीणों को झांसे में लेकर काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की शाखा फत्तूपुर से सरकारी अनुदान दिलाने की बात कहीं। ग्रामीण झांसे में आकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कर दिया। कुछ समय बीतने पर पता चला कि ग्रामीणों के नाम से कोई फार्म बैंक में जमा नहीं है। कुछ दिन और बीतने पर यह मामला सामने आया कि दलालों ने आत्महत्या कर लिया है जिसकी छानबीन पर होने बात झूठी निकली। वर्तमान समय में दलाल मुंबई में प्रापर्टी के मालिक बनकर घूम रहे हैं। भदोही कोतवाली पुलिस से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधि क्ता तेजबहादुर यादव, ओमप्रकाश मौर्य के तर्कों को सुनने के बाद जालसाजी सामने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट साबीया खातून की अदालत ने जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट पेश करने का आदेश सुनाया। संवाद