गोपीगंज कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर गोपालपुर निवासी रामचंदर यादव, रामकिशुन यादव, राजकुमार यादव और हीरालाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से शशिकांत तिवारी ने अपने अधिवक्ता हंसाराम शुक्ला के माध्यम से वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि मृदुला देवी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। माताप्रसाद ने संपूर्ण चल-अचल संपत्ति का वसीयत अपनी मां के पक्ष में किया है। माताप्रसाद की मौत के बाद वादी की मां मृदुला देवी की मौत 2021 में हो गई और मौत के बाद वादी के भाई चल-अचल संपत्ति के उत्तराधिकारी है। 2006 में आरोपित उपरोक्त ने कूटरचित कर जमीन का रेहाननामा करा लिया। वादी को जब इसकी जानकारी हुई तो भूलेख विभाग से पता चला कि आरोपित उपरोक्त फर्जी रेहाननामा पर नामांतरण कराना चाहते हैं। इसकी शिकायत पुलिस समेत उच्चाधिकारियों को देने पर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। नौ सितंबर को वादी पक्ष के अधिवक्ता हंसाराम शुक्ला की दलीले सुनकर मुख्य न्यायायि क मजिस्ट्रेट साबिया खातून की अदालत ने संज्ञेय अपराध पाते हुए मामले में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश सुनाया।