भदोही। 15 मार्च से ओखला के एनएसआईसी मैदान में चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो का शनिवार की शाम समापन हो गया। फेयर में शामिल आयातकों और निर्यातकों ने आगामी अक्तूबर में भदोही में होने वाले कारपेट एक्सपो में मिलने की बात कह कर एक दूसरे से विदा लिया। दोपहर 2 बजे तक मेला क्षेत्र से लोग निकलने लगे थे। मेले में 68 देशों के 275 खरीदारों और 366 आयातक ने हिस्सा लिया। आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने मेले को पूरी तरह से सफ़ल बताते हुए 400 से 500 करोड़ के कारोबार का दावा किया।स्टाल लगाने वाले भारतीय कालीन निर्यातकों के अनुसार फेयर हमेशा की तरह अच्छा रहा। आयातक आए, कालीनों को देखा, उनसे अच्छी बातचीत भी हुई। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में व्यापार के अवसर निकलेंगे। इस बार कार्पेट एक्स्पो में कालीन निर्यातकों की रिकॉर्ड भागीदारी हुई। एक्सपो निर्यातकों और खरीदारों का संगम कराता है। यहां आयातकों को एक छत के नीचे देश भर के उत्कृष्ट कालीन उत्पादों का अवलोकन करने का अवसर मिलता है। विदेशी खरीदार नए डिजाइन देखकर खुश नजर आए। व्यापारिक पूछताछ भी की।
भदोही। दिल्ली में हुए इंडिया कारपेट एक्सपो में 275 प्रतिष्ठित छोटे, बड़े, मध्यम कालीन निर्माता और निर्यातकों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। अमेरिका, आस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, चिली, हंगरी, कोलंबिया, फिनलैंड, ग्रीस, इजराइल, इटली, जार्डन, जापान, नीदरलैंड, लिथुआनिया, मारीशस, म्यांमार, नेपाल, लीबिया, ओमान, पनामा, रोमानिया, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, थाईलैंड, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम आदि के आयातकों ने हिस्सा लिया।