इंडिया कारपेट एक्सपो के पहले दिन विभिन्न देशों के आयातकों और उनके प्रतिनिधियों की आमद काफी अच्छी रही। लोगों ने विभिन्न स्टॉलों पर जाकर व्यापारिक पूछताछ भी की। कुछ स्टॉलों पर आयातकों ने तैयार माल की खोज और परख की। कईयों ने सैंपल भी लिए और लौटकर ऑर्डर देने की बात कही।
कारपेट एक्सपो में आए कई आयातकों से बात की गई। आयातकों ने भारतीय कालीन मजदूरों के हुनर की प्रसंशा की लेकिन सभी सस्ते कालीन तलाशते रहे। ग्लोबल ओवरसीज के स्टाॅल पर इटली के खरीदार ने कहा कि वह वर्ष में एक बार ही भारत आते हैं। बताया कि तुर्की अफगानिस्तान से भी खरीदारी करते हैं लेकिन क्वालिटी की बात करें तो भारत बेजोड़ है।
सलमान अहमद के स्टॉल पर रूसी महिला खरीदार ने, जिसे अंग्रेजी नहीं आती है, अपने ट्रांसलेटर के साथ कालीनों का अवलोकन किया। महिला ने कहा कि क्वालिटी में भारतीय कालीनों का कोई मुकाबला नहीं। इसलिए मैं भारतीय कालीनों पर भरोसा करती हूं। कुल मिलाकर मेला क्षेत्र में खरीदारों की ठीकठाक उपस्थिति तो दर्ज हुई लेकिन खरीदारी अच्छी नहीं हुई। इसे लेकर कुछ निर्यातक निराश दिखे।