भदोही। लगातार दूसरे दिन इंडिया कार्पेट एक्सपो मार्ट में आयातक तथा उनके प्रतिनिधियों की अच्छी भागीदारी हुई। एक्सपो को लेकर निर्यातकों की अच्छी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। निर्यातकों का कहना है कि जिसके कालीन सस्ते हैं और देखने में सुंदर हैं, उनके खरीदार मिल जा रहे हैं। यही कारण है कि इंडस्ट्री महंगे कालीनों पर ध्यान न देकर सस्ते और आकर्षक लुक वाले कालीन पर अनुसंधान कर रही है। 1980 के दशक में नाटेड कालीनों की मुख्य मांग होती थी। सस्ते कालीन होते हुए भी उन्हें पूछने वाले नहीं होते थे। लेकिन, आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। अब लोगों की पसंद बदल गई है। इसका कारण है कि लोग लग्जरी वस्तुएं खरीदना तो चाहते हैं, लेकिन सस्ती। रूपेश कुमार एंड ब्रदर्स के दिव्य बरनवाल ने बताया कि ऐसे लोगों के लिए उन्होंने बरबरी कालीनें तैयार की हैं। ये देखने में कालीनों की पारंपरिक लुक भी देते हैं और छूने पर मखमली अहसास कराते हैं। उन्होंने बताया कि बरबरी में अफगानिस्तान से आयातित विशेष ऊन का इस्तेमाल किया है। कच्चा माल आयात कर भदोही में ही धागा तैयार किया जाता है। बताया कि उनके पास सस्ते से सस्ता और महंगी वैराइटी उपलब्ध है और इसे वह आयातकों के सामने पेश कर रहे हैं। अरविंद एक्सपोर्ट के जय प्रकाश गुप्ता लगातार स्टालों पर बेटों का सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इतनी वैराइटी है कि खरीदार भ्रमित हो जा रहे हैं। एक-एक खरीदार घंटों तक कालीनों को उलट-पलट कर परख कर रहे हैं। बताया कि उनकी विशेषता सस्ते हैंडनाटेड कालीनें हैं। इसके अलावा उन्होंने हैंडलूम की कई वैराइटी प्रदर्शित की हैं। कहा कि इसके अलावा आयातकों को दिखाने के लिए छोटे-छोटे सैंपल भी रखे हुए हैं।