भदोही ब्लॉक के अमवां खुर्द गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी से 15 हजार रुपये रिश्वत मांगना रोजगार सेवक पति पर भारी पड़ गया। बीडीओ की तहरीर पर रविवार को पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। कार्रवाई से विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है। अमवांखुर्द निवासी मधई बनवासी ने पिछले दिनों डीएम कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया।
उसके साथ ही पीड़ित ने एक वीडियो भी सौंपा। जिसमें बताया कि वह पीएम आवास का लाभार्थी है। रोजगार सेवक सरिता देवी के पति प्रेम कुमार ने आवास की किस्त जारी करने के लिए उससे 15 हजार रुपये पीएम आवास के नाम पर लिया है। मामले को डीएम ने गंभीरता से ली। उन्होंने जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शशिकांत को निर्देश दिया।
सीडीओ ने गांव में पहुंचकर मामले की जांच की तो शिकायत सही मिली। सीडीओ के निर्देश पर बीडीओ विनोद कुमार ने रविवार को तहरीर दी। पुलिस ने रोजगार सेवक के पति प्रेम कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। परियोजना निदेशक आदित्य कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना में लाभार्थी किसी भी बिचौलियों से बात न करें।
ब्लॉक पर बीडीओ से या विकास भवन आकर उनसे मिलें। पात्रों का चयन होने के बाद तीन किस्त में 1.20 लाख रुपये मिलेंगे। बताते चलें कि पीएम आवास में गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व अभोली, औराई में ग्राम पंचायत अधिकारियों की ओर से पात्र को अपात्र और अपात्र को पात्र बनाया जा चुका है। इसमें डीएम के निर्देश पर उन पर निलंबन की कार्रवाई भी हो चुकी है।