ज्ञानपुर। स्तनपान विकल्प नहीं संकल्प है। इससे नौनिहालों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। उक्त बातें शनिवार को जिला अस्पताल में मां कार्यक्रम अंतर्गत स्तनपान सप्ताह का फीता काटकर शुभारंभ करते हुए डीएम राजेंद्र प्रसाद ने कही। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि मां कार्यक्रम के तहत नगर से लेकर ग्रामीण स्तर तक तैनात महिला-पुरुष स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक कर महिलाओं में स्तनपान के प्रति जागरूकता लाई जा रही है। कार्यक्रम के तहत सभी स्वास्थ्य इकाइयों को बेबी फ्रेंडली बनाने के लिए समय-समय पर प्रेरित किया जाता है, जो शिशु को डायरिया, निमोनिया एवं कुपोषण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री ने पोषण अभियान की शुरुआत की गई। स्तनपान का महत्व कोविड संक्रमण के दौरान और अधिक हो जाता है, क्योंकि स्तनपान रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन व यूनिसेफ के माध्यम से जारी हो रहे दिशा-निर्देशों में कोविड से ग्रसित मां को भी शिशु को स्तनपान करना चाहिए। अभी तक किसी भी शोध से यह नहीं साबित हुआ है कि वायरस मां के दूध से शिशु में पहुंच सकता है। बस मां को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि मां अपना दूध पिलाने में बिल्कुल समर्थ नहीं है तो उस दशा में परिवार के किसी सदस्य के सहयोग से मां के दूध को एक साफ कटोरी में निकालकर उसे चम्मच से पिलाया जा सकता है। मां के दूध से शिशु को अच्छा और संपूर्ण आहार मिलता है। मां और शिशु के बीच में भावानात्मक जुड़ाव पैदा होता है। दूध में पाया जाने वाला कोलेस्ट्रम शिशु को प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है।