चौरी। भदोही-वाराणसी सीमा पर कंधिया के पास लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। कंधिया फाटक खोल दिया गया है। लेकिन दोनों तरफ लगाए गए बोल्डरों को अब तक नहीं हटाया जा सकता है। जिससे लोगों में भ्रम है। लोग फाटक खुलने के बाद भी 18 से 20 किमी अतिरिक्त चक्कर लगाने को विवश हैं।
वाराणसी-मछलीशहर हाइवे के कन्धिया के बंद रेलवे फाटक को रविवार को खोल दिया गया। जिससे इस रूट से आने वाले दो पहिया, चार पहिया और बड़े वाहनों को काफी राहत मिली। फाटक खुलने के बाद बड़े वाहनों का आवागमन भी चालू हो गया है, लेकिन तीन दिन गुजरने के बाद भी रूट डायवर्जन के लिए बरदहा में सड़क पर रखे गए बोल्डर अब तक नहीं हटाया जा सका है। बरदहा में सड़क पर रखे बोल्डर के कारण थोड़े से खुले रास्ते से ही छोटे से लेकर बड़े वाहन गुजर रहे हैं। मात्र एक वाहनों के पास होने की जगह मिलने के कारण जाम लग जा रहा है। लोगों को अभी फाटक खुलने की जानकारी भी नहीं हो पाई है।
बस यूनियन के प्रमोद सिंह, संजय दुबे ने कहा कि थोड़े से जगह में बस गुजर रही है। जिससे कभी दुर्घटना हो सकती है। रास्ते में बोल्डर होने के कारण बस को निकालने में परेशानी हो रही है। ऐसे में जब फाटक खुल गया तो फिर सड़क पर बोल्डर क्यो रखा गया है, यह समझ से परे है।
ओवरब्रिज निर्माण के लिए दोनों तरफ बोल्डर लगाकर रूट डायवर्जन किया गया था। अब रास्ता खुल गया है। ऐसी स्थिति में जल्द ही बोल्डर को हटा दिया जाएगा। - अनिल सिंह, यातायात प्रभारी।