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Bhadohi News: दो साल से नहीं मिला किताब-कापी का पैसा

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ज्ञानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में प्रवेश लेने वाले करीब 2200 बच्चों को दो साल से काॅपी-किताब का पैसा नहीं मिला। जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग को इसके लिए एक करोड़ 10 लाख के बजट का इंतजार है।
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सरकार गरीब बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए प्राइवेट विद्यालयों में प्रवेश का नियम बनाया है और उसके लिए वह विद्यालय को फीस के रूप में एक निश्चित राशि भी देती है। साथ ही बच्चों के अभिभावकों को पांच हजार ड्रेस और कॉपी किताब के लिए दिया जाता है। शासन ने 2022-23 के शिक्षा सत्र का फीस एवं काॅपी-किताब का पैसा तो पांच माह पूर्व भेज दिया, लेकिन शिक्षा सत्र 2022-21 और 2021-22 में पढ़ने वाले बच्चों का खर्च अब तक नहीं आया। इससे पढ़ने वाले बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला समन्वयक मोहित मौर्य ने बताया कि गुजरे शिक्षा सत्र की फीस सहित अन्य खर्च का करीब डेढ़ करोड़ आया था। जिसे स्कूलों को भेजा गया। 2020 और 2021 के शिक्षा सत्र का एक करोड़ 10 लाख रूपये न आने से करीब 2200 बच्चों को काॅपी-किताब का पैसा नहीं मिल सका। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि कोविड के कारण दो साल खर्च का पैसा नहीं आया। कुछ बच्चों के अभिभावकों ने इसकी शिकायत भी किया। बजट के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।

ज्ञानपुर। जिले में नए शिक्षा सत्र में आरटीई के तहत 1991 बच्चों को कान्वेंट स्कूलों में प्रवेश मिला है। अप्रैल, मई और जून तीन चरणों में लाटरी सिस्टम से बच्चों को प्रवेश दिया गया। तकनीकी दिक्कतों के कारण 100 से अधिक बच्चों को अभी स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल सका है। जिसके लिए अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
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