ज्ञानपुर जिला अस्पताल में घुटना का इलाज करा कर सीढ़ी से उतरता मरीज। संवाद
ज्ञानपुर। ठंड में अचानक वृद्धि होने से हड्डी मरीजों की समस्या बढ़ गई है। अस्पताल की ओपीडी में हर दिन हड्डी के करीब 100 से 110 मरीज पहुंच रहे हैं। सामान्य दिनों में औसतन 60 से 65 हड्डी के मरीज ही पहुंचते हैं लेकिन ठंड बढ़ने से मरीजों की संख्या में 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो गई है। अस्पताल में आर्थोपेडिक सर्जन के पहले तल पर बैठने के कारण मरीजों को वहां तक पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में रोजाना 800 के करीब ओपीडी होती है। इनमें से करीब 100 हड्डी के मरीज होते हैं। ओपीडी भवन में पहुंचने के बाद मरीज इधर-उधर भटकते रहते हैं। नए मरीजों को पता ही नहीं चल पाता कि हड्डी के डॉक्टर कहां बैठते हैं। अस्पताल में दो आर्थोपेडिक सर्जन हैं। एक चिकित्सकीय अवकाश पर हैं। वहीं दूसरे डॉ. संजय वर्मा अस्पताल में दूसरी मंजिल पर बैठते हैं। वहां तक पहुंचने के लिए मरीज को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती हैं। मरीज जैसे-तैसे उपचार कराने के लिए डॉक्टर के पास पहुंच पाते हैं। शनिवार को गठिया रोग से पीड़ित जंगलापुर निवासी रामलोचन (65) दोपहर 12:45 बजे अस्पताल पहुंचे। घुटने में तेज दर्द था। वह दर्द से कराह रहे थे। जैसे-तैसे वह दूसरी मंजिल पर डॉ. संजय वर्मा के पास पहुंचे। जंगलापुर निवासी निर्मला (62) के पैर में दिक्कतें हैं। चलने-फिरने में दर्द होता है। वह डॉक्टर को दिखाने अस्पताल आईं थीं। सीढि़यों पर लगी रेलिंग के सहारे उम्रदराज मरीज दूसरी मंजिला पर पहुंच रहे हैं।