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निकाय चुनाव: अध्यक्ष के 81 और सदस्य के 472 नामांकन पत्र बिके

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ज्ञानपुर। जिले के तीनों तहसीलों में सोमवार को नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हो गई। पहले दिन सातों नगर निकाय के लिए अध्यक्ष के 81 और सभासद के 472 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र बिके। सुरक्षा के मद्देनजर तीनों तहसीलों में पुलिस और एलआईयू की टीमें चक्रमण करती रहीं। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया। निकाय चुनाव के दूसरे चरण के चुनाव के लिए ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में नामांकन कक्ष बनाया गया है। सोमवार को सुबह से ही तहसीलों की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक संबंधित तिराहे-चौराहे पर पुलिस के जवान तैनात रहे। ज्ञानपुर तहसील जाने वाले मार्ग शीतल पाल तिराहे रंग मेन गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। तीनों तहसीलों में नामांकन के लिए तैनात आरओ और एआरओ ने अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र दिया। ज्ञानपुर तहसील में नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए आठ और सदस्य के लिए 51 फार्म, नगर पालिका गोपीगंज में अध्यक्ष के लिए नौ और सभासद के लिए 106 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई।
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भदोही तहसील में नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए 14, सुरियावां में चार और नई बाजार में पांच सहित कुल 23 नामांकन पत्र लिया गया। सभासद के लिए भदोही नगर पालिका में 164, सुरियावां में 35 और नई बाजार में 31 सहित कुल 230 नामांकन पत्र लिया गया। औराई तहसील में नगर पंचायत खमरिया में सभासद के लिए 38 और घोसिया में 47 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। अध्यक्ष के लिए दोनों नगर से नौ नामांकन पत्र लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने ज्ञानपुर तहसील में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था को परखा। उन्होंने पुलिस के जवानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया। कहा कि नामांकन कक्ष में सिर्फ चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी और उनके प्रस्तावक ही जाएंगे। तीनों तहसीलों में अध्यक्ष और सभासद के लिए कुल 553 नामांकन पत्र लिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि 17 से 24 तक सुबह 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक नामांकन होगा। बताया कि 25 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच, 27 को नाम वापसी होगी।
औराई। तहसील में शुरू हुए नामांकन से परिसर के अंदर वादकारियों और अधिवक्ताओं के न जाने से पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। जिसके चलते दूरदराज से आए वादकारी तहसील मुख्यालय के चारों ओर लगे बैरियर के चलते अंदर नहीं जा पाए और निराश होकर लौट गए। कुछ वादकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में सूचना देने के बाद सबकुछ होता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। परिसर के चारों ओर मार्गों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया है। पहले काम के साथ ही नामांकन होता। अब 21 अप्रैल के बाद आने के लिए कहा गया है।
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