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बोर्ड परीक्षा : संसाधन कम, परीक्षार्थी ज्यादा

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ज्ञानपुर। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन केंद्रों का निर्धारण कर सूची जारी कर दी है। परिषद की सूची आते ही शिक्षा विभाग ने माथापच्ची शुरू कर दी है। 85 परीक्षा केंद्रों में से 10 से अधिक ऐसे केंद्र बने हैं, जिनके पास संसाधन ही नहीं हैं। जबकि 15 से 20 विद्यालयों में क्षमता से अधिक छात्र आवंटित कर दिए गए हैं। इससे विद्यालयों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। परीक्षा केंद्र को लेकर पहले ही दिन 15 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गईं। यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च को समाप्त होगी। इस परीक्षा के लिए जिले में 85 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 54,879 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी जिला स्तर पर लगभग पूरी हो चुकी है। स्कूलों का डाटा अपलोड होने के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों की सूची रविवार की देर रात को जारी कर दी। इस सूची में कई खामियां बताई जा रही हैं। कई विद्यालय ऐसे हैं, जो पूर्व में परीक्षा केंद्र बनते आ रहे थे लेकिन इस बार उन्हें केंद्र नहीं बनाया गया है। ऐसे विद्यालयों की संख्या करीब आठ है। इसी तरह 10 से 15 विद्यालय ऐसे हैं, जहां उनकी क्षमता से अधिक छात्र संख्या का आवंटन कर दिया गया है। जबकि इनके पास परीक्षा सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि जिन स्कूलों को परीक्षा केंद्र को लेकर किसी प्रकार की शिकायत है, ऐसे विद्यालय चार दिसंबर तक माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर आपत्ति दर्ज कराकर इसकी जानकारी कार्यालय में दे सकते हैं। इसके बाद उनकी आपत्ति को लेकर बोर्ड से पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला समिति सुविधा के हिसाब से केंद्रों की संख्या में कमी और बढ़ोतरी कर सकेगी। बोर्ड की ओर से ऑनलाइन जारी की गई परीक्षा केंद्रों की सूची में राजकीय विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जबकि यहां परीक्षा संपन्न कराने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। राजकीय हाईस्कूल चकजुबड़ावन, चकबीरा, बरजी, महुआपुर और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय डीघ को भी केंद्र बना दिया गया है। यहां पर न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, ना ही इनके पास इतने कमरे हैं कि परीक्षा कराई जा सके। डीआईओएस ने बताया कि इन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की संभावना कम है। अंतिम फैसला डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी। बोर्ड परीक्षा में आमतौर पर जहां स्कूलों में तीन से चार सौ की छात्र संख्या रहती है। वहीं, जिले के आधा दर्जन से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां पांच सौ से लेकर एक हजार या उससे अधिक परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया है। इनमें नेताजी राज नारायण इंटर कॉलेज, एमए समद इंटर कॉलेज, इंटर कॉलेज दुर्गागंज, सेवाश्रम इंटर कॉलेज मोढ़, विक्रमादित्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चौगना, श्री बृजभूषण सिंह सर्वाेदय इंटर कॉलेज सेमराध, श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज धीरपुर बैदा, सीता देवी हाईस्कूल जयरामपुर सर्रोई, इंद्रावती इंटर कॉलेज गिरधरपुर ज्ञानपुर आदि विद्यालय शामिल हैं।
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