हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की आगामी परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाने के मानकों पर जिले के 32 विद्यालय फेल हो गए हैं। किसी में चहारदीवारी नहीं है तो किसी में पर्याप्त संख्या में कक्ष, शौचालय और फर्नीचर का अभाव है। डीएम की गठित टीम की जांच में खामियां सामने आईं हैं। 190 स्कूलों के सत्यापन रिपोर्ट में 60 की रिपोर्ट परिषद भेजी गई, जबकि सोमवार को 130 विद्यालयों की भेजी जाएगी। इसके बाद मानक पूर्ण करने वाले विद्यालयों में से परिषद के माध्यम से ऑनलाइन केंद्र निर्धारण होगा।
जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज सहित 38 राजकीय विद्यालय, 25 वित्तपोषित समेत कुल 193 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 55 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा की तिथि तय नहीं है, लेकिन फरवरी में संभावित बोर्ड परीक्षा को लेकर केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू है। 190 स्कूलों की तरफ से केंद्र बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। जिसके बाद डीएम द्वारा गठित टीमों ने तीनों तहसीलों ज्ञानपुर, भदोही और औराई के विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया।
18 अक्तूबर को गठित टीमों ने रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी। जिसमें 20 राजकीय और 12 वित्तविहीन विद्यालय केंद्र के मानक पूर्ण नहीं करते मिले। इन स्कूलों में बेहतर शौचालय, विद्युतीकरण, बाउंड्रीवाल संग अन्य कमियां पाई गई। किसी में भवन और फर्नीचर की स्थिति आधी अधूरी मिली है। सीसीटीवी कैमरे और पेयजल के मानकों पर भी अनेक विद्यालय फेल साबित हो गए हैं।
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स्कूलों में ये सुविधाएं जरूरी
बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के लिए कक्ष संख्या, परीक्षा कक्ष, बाउंड्री वॉल, पेपर स्ट्रांग रूम, गेट, दुरुस्त खिड़की, डबल लॉकर वाली आलमारी, एक्टिवेशन, डीवीआर, सीसीटीवी, रिकॉर्डर, राउटर, मॉनिटर, हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होनी चाहिए।