ज्ञानपुर। 400 बीघे से अधिक जलक्षेत्र वाले समधा ताल में बर्ड सैंक्चुरी बनाने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है। करीब एक साल पूर्व वन विभाग और औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर के भेजे प्रस्ताव पर अब तक मुहर नहीं लग सकी। छह माह पूर्व टीम ने भी सर्वे कर रिपोर्ट सौंप दी है। केंद्र और प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए सीतामढ़ी, बाबा सेमराधनाथ धाम, ज्ञानपुर के हरिहरनाथ धाम, बाबा बड़े शिव धाम सहित कई धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। करीब डेढ़ साल पूर्व औराई विधायक दीनानाथ भास्कर की ओर से पक्षी विहार के लिए विशाल समधा ताल को पक्षी विहार बनाने का प्रस्ताव बनाया था। जिसका अवलोकन करने के बाद वन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा। उम्मीदों को पंख तब और लग गए जब छह माह पूर्व वाइल्ड लाइन टीम नें भी सर्वे किया, हालांकि लंबा समय गुजरने के बाद भी अब तक कोई पहल नहीं हो सकी है। जिससे विशाल जलक्षेत्र में जैव विविधता के संरक्षण की कोशिशों में जुटे वन विभाग संग आम लोगों की उम्मीदें टूटने लगी है। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज आर्या के मुताबिक, समधा ताल को पक्षी विहार बनाने का प्रस्ताव लंबित है। वहां की अधिकतर जमीनें राजस्व विभाग से जुड़ी है। शासन स्तर से अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है।