डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण में कृषि विभाग की टीम ने 97 फीसदी से अधिक गांवों में काम पूरा कर लिया है। इसमें भदोही को सूबे में पहला स्थान मिला है। विभाग की तरफ से डिजिटल सर्वे की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भी भेज दी गई है। सर्वे में पहला स्थान मिलने पर विभाग गदगद है।
फसलों का सही आंकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने रबी और खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। 2023 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक जिलों के कुछ ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया गया। सफलता मिलने पर इसे पूरे प्रदेश में सभी गांव के लिए प्रभावी कर दिया गया। जिनकी सूची के आधार पर डिजिटल सर्वे कराया गया।
दो दिन पूर्व इसकी रैंकिग जारी की गई। जिसमें भदोही को पहला स्थान मिला। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1132 राजस्व गांव में 1114 में सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया गया। जिसमें 941 गांव में सर्वे का कार्य पूर्ण कर सबमिट कर दिया गया है। जिसका प्रतिशत 97.90 है।
वहीं दूसरे नंबर पर गाजियाबाद शामिल है। जिसका 97.66 प्रतिशत सर्वेक्षण है। पूर्वांचल में सिर्फ वाराणसी और आजमगढ़ टॉपटेन में स्थान बनाने में सफल रहे। आजमगढ़ छठवें और वाराणसी आठवें स्थान पर है। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत से जिले को सर्वेक्षण में प्रदेश में पहली स्थान मिली है।
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सर्वे से होंगे ये लाभ
-बैंक द्वारा फसली ऋण का सत्यापन।
-फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन।
-न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादन की खरीद।
-सूखे के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत और अनुदान का विवरण।
-कृषि इनपुट सप्लायर के साथ किसानों को जोड़ने का अवसर।
-किसानों को संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का अवसर।
-किसानों को लक्षित फसल सलाह प्रदान किया जाना।
इन बिंदुओं पर हुआ सर्वे
-अभिलेखों के डायनामिक लिंकिंग के साथ किसानों का डेटा बेस।
-ग्राम मानचित्रों का भू-संदर्भ।
-जीआईएस बेस रियल टाइम क्रॉप सर्वे।