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24 घंटे बाद अपहर्ताओं के चंगुल से घर लौटा शशीकांत

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औराई। घर से पिता के क्लीनिक जाने के लिए निकले बीएससी के एक छात्र को बदमाशों ने अगवा कर लिया। किसी तरह जान बचाकर उसने अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर घरवालों को सूचना दी। लगभग 24 घंटे बाद सोमवार की देर शाम वह घर पहुंचा। घटना रविवार की है। इस मामले में पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर पाई। औराई कोतवाली क्षेत्र के बेजवां गांव निवासी दशरथ विश्वकर्मा घर से थोड़ी दूरी पर अपना क्लीनिक चलाते हैं। मंगलवार को उन्होंने अमर उजाला को बताया कि रविवार की दोपहर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी कर रहा उनका बेटा शशिकांत (20) घर से अस्पताल के लिए निकला था। वह गांव से बाहर निकला था कि एक बोलेरो पर सवार तीन लोग पहुंचे और उसे जबरदस्ती बोलेरो में बैठा लिया। बेहोश करने वाला स्प्रे उसके ऊपर डाल कर उसे लेकर फरार हो गए। कुछ देर बाद जब शशिकांत को होश आया तो रास्ते में अपहरणकर्ताओं से कहा कि हमें छोड़ दीजिए। हमारे घर वाले परेशान होंगे। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने फिर वहीं नशीला स्प्रे उसके चेहरे पर मार दिया। देर शाम बोलेरो एक ब्रेकर को पार करने लगी, जहां गाड़ी कुछ धीमी हुई। उस समय शशिकांत को हल्का होश आ गया था। लेकिन, वह डर के मारे कुछ बोल नहीं रहा था। इसी दौरान अपहरणकर्ता आपस में शराब पीने की बात कर रहे थे और बोलेरो की गति धीमी होने के चलते वह पीछे का गेट खोल कर कूद गया। उसे हल्की फुल्की चोट भी आई किंतु वह कूदने के बाद सड़क के किनारे एक सिवान में भाग निकला। जहां बोलेरो सवार लोगों ने उसका कुछ दूर तक पीछा करने के बाद लौट गए। कुछ दूर जाने के बाद शशिकांत को एक अधेड़ व्यक्ति मिला, जहां उसे कुछ ट्रेन के इंजन की आवाज सुनाई दी तो उसने कहा कि इधर कोई रेलवे स्टेशन है। उस अधेड़ ने बताया कि यहां से कुछ दूर पर लखनऊ स्टेशन है। वह किसी तरह लखनऊ स्टेशन पहुंचा और अपने मोबाइल से घरवालों को सूचना दी कि हम लखनऊ स्टेशन पर हैं। इधर परेशान घरवाले उसे अपने निजी साधन से लेने लखनऊ रवाना हो गए। सोमवार की दोपहर होते-होते उसे सकुशल घर ले आए। हैरत की बात है कि इस मामले में पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बेटे के गायब होने के बाद पिता कोतवाली पहुंचा था लेकिन पुलिस से उसे कोई मदद नहीं मिली। वह थक हार कर चौरी स्थित एक तंत्र मंत्र करने वाले के पास गया, जहां उसी समय उसके लड़के का रात 10:00 बजे फोन आया और वह अपने लड़के को लेने लखनऊ चला गया। यदि समय रहते पुलिस तत्परता दिखाई होती तो निश्चित अपहरणकर्ता बीच रास्ते में ही पकड़े जा सकते थे। इस संबंध में औराई कोतवाली प्रभारी एसएन मिश्रा ने कहा कि लड़के के पिता आए थे और उन्हें फोटो आदि लाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया था, लेकिन वह फिर नहीं आए।
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