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सरपतों से घिरीं कोनिया क्षेत्र की सड़कें

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वहिदानगर। जनपद के सबसे बड़े क्षेत्रफल वाले विकास खंड डीघ-कोनिया की दर्जनों सड़कों पर सरपतों का साम्राज्य कायम हो गया है। इससे आने-जाने वाले लोगों में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका में चिंता बढ़ रही है। आरोप है कि सबकुछ जानते हुए भी लोक निर्माण विभाग सफाई कराने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। क्षेत्र के लोग कभी ब्लॉक अधिकारी तो कभी ग्राम प्रधानों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जंगीगंज मोड़ से लगभग 40 किलोमीटर दूरी तय करने वाले धनतुलसी मार्ग से जुड़ने वाली गोलखरा-बारीपुर, सीतामढ़ी मुख्य मंदिर, वाल्मीकि आश्रम, बनकट, इटहरा, सेमराध, छेछुआं, बेरवां पहाड़पुर-कलिंजरा घाट आदि ग्रामीण क्षेत्रों के लिंक मार्गों के दोनों छोर सरपतों से ढंक गए हैं। सरपत इतने घने कि उस रोड पर चलने वाले वाहन अचानक कब सामने आ जाएं पता ही नहीं चलता। दिन हो या रात आवागमन करने वालों को हमेशा किसी न किसी अनहोनी का भय सताता रहता है। दिन में भी नजर हटते ही सामने से आ रहे पैदल, साइकिल, बाइक सवार एक-दूसरे से टकराकर घायल हो जाते हैं। ऐसे में रात में क्या हालत होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जबकि एक माह के अंतराल पर सरपतों के कारण हुए हादसों पर गौर किया जाए तो दर्जन भर लोग निजी और सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने को बाध्य हो चुके हैं। गोलखरा से कोइरौना बाजार, बारीपुर, वाल्मीकि आश्रम के मार्गों पर आवागमन अधिक होने के कारण प्रतिदिन दो-चार लोग घायल होते रहते हैं। ग्राम प्रधान देवी प्रसाद, धर्मेंद्र सिंह, कड़े सेठ, केशव शुक्ला, जिलाजीत शुक्ला, मातास्वरुप शुक्ला आदि ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से अविलंब स्थलीय निरीक्षण कराकर सरपतों को कटवाने की मांग करते हुए कहा कि एक सप्ताह में समस्या का निवारण नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी डीएम का घेराव, धरना-प्रदर्शन को बाध्य हो जाएंगे।
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