गोपीगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से सटे और कोतवाली के ठीक सामने प्राचीन जोगीबीर तालाब स्थल स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है। जबकि उक्त स्थल पर सुंदरीकरण का प्रस्ताव पारित होने के साथ अतिक्रमण को हटाने का प्रस्ताव पास है। अतिक्रमण पर न पुलिस सख्ती दिखा रही है न नगर पालिका परिषद गोपीगंज सुंदरीकरण की ओर ध्यान दे रहा है। राहगीर मनीष, नगर निवासी सुरेंद्र ने बताया कि पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के कार्यकाल में प्राचीन तालाब को सुंदरीकरण योजना में शामिल करने पर पालिका प्रशासन ने सफाई और अतिक्रमण अभियान भी चलाया था, लेकिन मिलीभगत से मामला ठंडे बस्ते चला गया। कोतवाली के ठीक सामने होने का लाभ पुलिस और परिवहन विभाग इस लिए उठा रहा है कि जांच के दौरान विभिन्न कमियों, सड़क हादसों के समय क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर उसी स्थान पर खड़ा कराया जा रहा है। जहां पालिका कर्मचारी उक्त स्थल को कूड़ा घर बना चुके हैं। बुधवार को जंगीगंज से गोपीगंज आ रही महिला मनभावती देवी, कलावती देवी, अमीना बेगम आदि ने बताया कि उक्त स्थल पर पहुंचने पर दुर्गंध से आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा था। न चाहते हुए हम लोग बड़ा चौराहा पहुंच कर सामानों की खरीदारी किए। जबकि लगभग छह माह पूर्व नागरिकों की शिकायत पर सदर तहसील प्रशासन ने तालाब की पैमाइश कर अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित करते हुए सूची पुलिस को सौंपी थी। बावजूद इसके न कूड़ा रखने पर पाबंदी लग सकी न वाहनों के खड़ा करने पर। महामारी के समय पालिका प्रशासन लाखों रुपये स्वच्छता अभियान के नाम खर्च कर चुका है। अभियान चलाकर दुर्गंध का कारण बन रहे कूड़े को हटाकर वाहनों को उचित स्थान पर खड़ा करना जनहित में होगा।