कोरोना संक्रमण के बीच मानसून आ जाने से झमाझम बारिश से जहां उमस से कुछ राहत मिला वहीं इस मौसम में फंगल और बैक्टिरियल संक्रमण और स्किन एलर्जी का भी खतरा भी बढ़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि मामूली लापरवाही से त्वचा संबंधी रोगों का सामना करना पड़ सकता है। गोपीगंज के सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशुतोष पांडेय ने बताया है कि गर्मी के बाद बारिश के मौसम में त्वचा को राहत जरूर मिलता है। लेकिन नमी और उमस भरा यह मौसम रोम छिद्रों को बंद कर देता है। जो त्वचा संबंधी कई बीमारियों की वजह बनता है। बरसात में सबसे सामान्य समस्या दाद है जो अक्सर गीले कपड़ों और पसीने के कारण होती है। फंगल इंफेक्शन पैर की अंगुलियों में इसके अलावा मुंहासे और एक्जिमा जैसी त्वचा की बीमारियां इस मौसम में होती है। इनमें खुजली, सूजन चकते, दाद आदि की समस्या होती है। कुछ सामान्य तरीकों को अपनाकर इस सभी परेशानियों से बचा जा सकता है।