ज्ञानपुर। केंद्र और प्रदेश सरकार ने गत दिनों किसान क्रेडिट कार्ड के लिए अभियान चलाकर सभी विभागों से लक्ष्य पूरा करने का निर्देश खोखला साबित हो रहा है। अभियान को आइना दिखाकर बैंकर्स पारंपरिक औपचारिकताओं तक सिमट कर रह जा रहे हैं। इसका उदाहरण मत्स्य विभाग पेश कर रहा है। मत्स्य विभाग ने पट्टाधारकों के लगभग 78 आवेदनों को अग्रसारित कर यूबीआई, काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक, एसबीआई, बॉब, पीएनबी, इलाहाबाद और यूको बैंक भेजा, जिनमें से केवल यूबीआई शाखा कलापुर क्रॉसिंग ने तीन और कुरमैचा ने एक कुल मिलाकर कुल चार कार्ड ही मत्स्य पालकों को उपलब्ध करा सके। शेष बचे 74 आवेदनों पर अब तक विचार नहीं हो सका है। आवेदक विभाग का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सहायक निदेशक मत्स्य पारस सिंह ने बताया कि मामले से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है। एलडीएम उमेश कुमार का कहना था कि जिला स्तरीय बैठकों में केसीसी के लिए विशेष जोर दिया जाता है। यदि बैंकर्स लापरवाही बरत रहे हैं तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी और आवेदकों को अविलंब कार्ड उपलब्ध भी करा दिए जाएंगे।