फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छेड़खानी के तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
भदोही नगर में युवती से अश्लील हरकत और छेड़खानी करने के तीन आरोपियों को कोर्ट से राहत नहीं मिली। बृहस्पतिवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए एफटीसी कोर्ट प्रथम की अदालत ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
विज्ञापन

भदोही नगर में 13 दिन पूर्व पिता की चाय के दुकान में सहयोग करने वाली एक युवती के साथ कुछ युवकों ने छेड़खानी की घटना को अंजाम दिया था। उक्त प्रकरण में पहले तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर एहतेशाम अंसारी, अयान और फोकाली निवासी अब्बास नगर वार्ड सात के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामला बढ़ा तो पुलिस ने चार सितंबर को तीनों को भदोही नगर के इंदिरा मिल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित युवती ने अपने कलम बंद बयान में बताया कि तीनों युवक उसको भद्दे-भद्दे इशारा करते और अश्लील हरकत करते थे। दो सितंबर को तीनों ने सारी हदें पार कर उसको पकड़ लिया । विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट की और शिकायत न करने के लिए भी धमकाया। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता पंकज तिवारी और प्रवेश तिवारी ने तर्क प्रस्तुत किया कि घटना समाज को झकझोर देने वाली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश सुबोध सिंह की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दिया।
ठगी के आरोपी की जमानत निरस्त
अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने सस्ता सोना देने का झांसा देकर ठगी करने के आरोपी की जमानत खारिज कर दिया। घटना के मुताबिक सुरियावां थानाक्षेत्र के मधुपट्टी निवासी संतोष उर्फ महाकाल उपाध्याय ने प्रयागराज के नैनी निवासी अशोक कुमार पांडेय को झांसा दिया कि वह सोने का बड़ा व्यापारी है,सस्ता सोना उपलब्ध करा देंगे। अशोक पांडेय ने कई लाख रूपये दे दिया तो महाकाल ने शाम तक डिलीवरी होने की बात कही, लेकिन कई महीने तक उसे कुछ नहीं मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। महाकाल को पुलिस ने शराब तस्करी सहित कई मामलों में गिरफ्तार कर चुकी है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रवेश तिवारी ने बताय कि गत एक दशक से ऐस कोई समय नहीं जब आरोपी समाज और प्रशासन को धोखा नहीं दिया हो। उस पर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। न्यायाधीश सुबोध सिंह की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें