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Bhadohi News: बिगड़ा मौसम का मिजाज, बूंदाबांदी से गलन में वृद्धि

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ज्ञानपुर। जिले में मौसम का मिजाज अचानक से बुधवार की सुबह बदल गया। सुबह से ही बूंदाबांदी शुरु हुई, जो सिलसिला दिनभर चलता रहा। इससे गलन में वृद्धि हुई। मौसम खराब होने के कारण लोग घरों में दूबके रहे। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में 8.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेती किसानी की दृष्टिकोण से यह बारिश संजीवनी साबित हुई। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
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कालीन नगरी में बुधवार के सुबह की शुरूआत बारिश के साथ हुई। सुबह सात बजे के आसपास गरज और चमक के साथ लगभग 20 मिनट तक बारिश हुई। इसके बाद दिन भर रूक-रूक बारिश होती रही। जिससे लोग अलाव से चिपके रहे। बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। बारिश होने के कारण गलन में वृद्धि हुई है। पूरे दिन भगवान भाष्कर के दर्शन नहीं हुए। चली सर्द हवाओं से हर किसी को दो-चार होना पड़ा। गलन इस कदर रहा कि दफ्तरों में काम करते वक्त कर्मचारियों के की अंगुलियां की बोर्ड पर नहीं चल रहा थी। शाम होते ही अलाव के पास लोग चिपक गये, लेकिन ठंड से निजात मिलता नहीं दिखा। मौसम विभाग ने आगामी दो से तीन दिनों तक बादलायुक्त मौसम रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इसी बीच दो से तीन डिग्री न्यूनतम तापमान और लुढकेगा। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि बुधवार को दिन का तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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इनसेट:
फसलों के लिए बनी संजीवनी बारिश:
ज्ञानपुर। बुधवार को अचानक से हुई बूंदाबांदी फसलों के लिए संजीवनी बनी है। बेजवां के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि यह बारिश खेती किसानी के दृष्टिकोण से बेहद फायदेमंद है। यदि आगामी दिनों में तीव्र बारिश होती है। तो तिलहीन फसल के लिए नुकसान देह हो सकता है। जैसे सब्जी, मटर, चना आदि है। सबसे अधिक ये बारिश गेहूं के लिए फायदेमंद हुई है।
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इनसेट:
सेहत के लिए सजग रहना जरूरी
ज्ञानपुर। जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि ऐसे मौसम में सेहत को लेकर सतर्कता बेहद जरुरी है। खास कर बच्चों और बुजुर्ग के प्रति होना चाहिए। जब ठंड के दिनों में अचानक से बारिश हो जाए, स्थ्वास्थ्य को लेकर सजग होना चाहिए। इस मौसम में सर्दी जुकाम, वायरल बुखार आदि की समस्या होती है। हर व्यक्ति सुबह शाम गुनगुना पानी पिये और बच्चों को गुनगुना धूल पिलाए। रात के वक्त बच्चे बेड़ पर पेशाब कर दे तो त्काल कपड़ा बदले। इसे बच्चे में सर्दी जुकाम होने का डर बना रहता है।
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