ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जिले में सुस्ती की भेंट चढ़ गई है। इस योजना के तहत पांच साल की लंबी अवधि बीतने के बाद भी अब तक महज 4 लाख 9 हजार 984 लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बन पाया है, जबकि जिले में आयुष्मान योजना से आच्छादित होने वाले लाभार्थियों की कुल संख्या 6 लाख 62 हजार 260 हैं। पांच सालों में अब भी 2 लाख 52 हजार 256 लाभार्थियों का कार्ड नहीं बन पाया है। हालांकि विभाग का दावा है कि जिले में आयुष्मान योजना में लगातार सुधार हो रहा है।
गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए केन्द्र सरकार की ओर से आयुष्मान योजना की शुरुआत 14 अप्रैल 2018 को की गई थी। शुरुआत में योजना के तहत पात्र लोगों को गोल्डन कार्ड बनाने की रफ्तार काफी तेज रही। आंकड़ों के अनुसार विभाग ने एक साल के अंदर ही 90 हजार से अधिक लोगों का गोल्डन कार्ड बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया। हालांकि इसके बाद योजना में सुस्ती देखने को मिली। 2020 के कोरोना काल में योजना की रफ्तार और भी कम हो गई। जिसका नतीजा हुआ कि जिले में पांच साल की अवधि बीतने के बाद अब तक केवल 61.90 फीसदी लोगों का गोल्डेन कार्ड बन सका है। जिले में अब तक दो लाख 52 हजार 256 लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। योजना में विभागीय सुस्ती का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बीते तीन महीनों से जन आरोग्य मेले में गोल्डेन कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं, क्योंकि विभाग के पास आरोग्य मेले में कितने कार्ड बन रहे हैं। इसका आंकड़ा बीते तीन महीनों से जारी नहीं किया गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि हर बुधवार टीकाकरण, रविवार को आरोग्य मेला के साथ प्रशिक्षित कर्मी गांव-गांव गोल्डेन कार्ड बनाने का कार्य करते हैं।