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Bhadohi News: अन्यत्र शिफ्ट होगा आयुर्वेदिक चिकित्सालय

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सीतामढ़ी। डीघ ब्लॉक के नारेपार गांव में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सीतामढ़ी दूसरी जगह शिफ्ट किया जायेगा। गांव में जमीन न मिलने के कारण अब आयुर्वेदिक चिकित्सालय को बनकट गांव में बनाने की तैयारी है। इसके लिए बनकट ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने भूमि उपलब्ध कराने की पेशकश की है। सीतामढ़ी लोगों का आरोप है कि प्रधान की हीलाहवाली गांव के विकास में बाधक बन गई है।
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डीघ ब्लॉक के नारेपार में एक दशक से राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सीतामढ़ी के नाम से चल रहा है। गांव के तमाम बुजुर्ग, गरीब, महिलाएं, बच्चे उपचार के लिए गांव के आयुर्वेदिक चिकित्सालय जा कर दवाई प्राप्त कर स्वास्थ लाभ लेते हैं। सीतामढ़ी की महत्ता और अस्पताल में मरीजों की अच्छी संख्या को देखते हुए विभाग ने 4 बेड भवन निर्माण की स्वीकृति भी दे दी है। इस चिकित्सालय में आयुष हेल्थ वेलनेस सेंटर भी बनाने की योजना है। भवन निर्माण और वेलनेस सेंटर पर लगभग 30 लाख रुपये विभाग ख़र्च करेगा।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉ. भावना द्विवेदी ने बीते छ: माह से भी अधिक समय से जिलाधिकारी भदोही को कई बार पत्र लिखकर आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए नारेपार सीतामढ़ी में भूमि उपलब्ध कराने को कहा। तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने नारेपार में आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिया था। फाइल लेखपाल तक पहुंची, लेकिन ग्राम पंचायत नारेपार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने के लिए हीलाहवाली की जाती रही। अंतत: निराश होकर आयुर्वेद विभाग ने अन्यत्र जमीन की खोज शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक डीघ ब्लाक के ग्राम पंचायत बनकट के ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव ने विभाग को जमीन देने की पेशकश की है।
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4 बेड़ के अस्पताल की मंजूूरी मिली थी:
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. भावना द्विवेदी ने कहा कि सीतामढ़ी नारेपार बहुत अच्छी जगह है। वहां 4 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल की मंजूरी मिली है, साथ ही वेलनेस सेंटर भी बनाने की योजना है। सेंटर पर पंचकर्म सिंकाई सहित बहुत सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलता, लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद नारेपार सीतामढ़ी में जमीन नहीं मिली। अंतत: चिकित्सालय के लिए बनकट में जमीन चिन्हित की गयी है।
सरकारी जमीन उपलब्ध, फिर भी नहीं दिया
सीतामढ़ी। लोगों का आरोप है कि डीघ के ग्राम पंचायत नारेपार सीतामढ़ी में ग्राम सभा की बहुत सारी जमीनें उपलब्ध हैं। इसके बाद भी प्रधान द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे आयुर्वेदिक अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा अन्यत्र शिफ्ट हो जाएगी। ग्राम पंचायत द्वारा राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए उपयुक्त स्थल पर जमीन क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया। इसका जवाब न तो ग्राम प्रधान के पास है और न ही राजस्व विभाग के पास।
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