ज्ञानपुर। वाहनों के फिटनेस की जांच अब उपकरण के माध्यम से होगी। इसके लिए जिले में स्वचालित परीक्षण सेंटर बनाने की तैयारी है। इससे वाहनों के फिटनेस की जांच मशीन के जरिए की जाएगी। प्राइवेट सेक्टर में इस सेंटर का संचालन किया जाएगा। परीक्षण सेंटर खोलने पर करीब दो से ढाई करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने तीन से 16 नवंबर के मध्य इसके लिए आवेदन मांगा है।
जिले में अब तक फिटनेस जांच के लिए कोई एटीएस नहीं है। निजी तौर पर कुछ सामान्य फिटनेस केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनसे अक्सर फर्जीवाड़े की शिकायत मिलती रहती है। यही नहीं, केंद्र मानक विहीन होने के कारण गुणवत्तापूर्ण फिटनेस भी नहीं करते थे। आरटीओ प्रशासन राम सिंह ने कहा कि 16 नवंबर तक एनएसडब्ल्यू यानी नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल पर एटीएस के लिए आवेदन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एटीएस न्यूनतम दो लेन का होगा। एक लेन तिपहिया व हल्के वाहनों और दूसरी लेन मध्यम व भारी वाहनों के लिए होगी। ऐसे स्वचालित परीक्षण स्टेशन की स्थापना के लिए न्यूनतम दो एकड़ भूमि अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि भूमि के ऊपर हाईटेंशन तार नहीं होना चाहिए। जमीन का स्वामित्व प्रमाण या फिर पट्टे पर लेने संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। एटीएस परिसर में वाहनों के प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग गेट होंगे। जिनके लिए कम से कम सात मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग होना जरूरी है। बताया कि आवेदन करने वाले व्यक्ति या फर्म व संस्था को पिछले तीन वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार की ओर से अपात्र, प्रतिबंधित व ब्लैक लिस्टेड नहीं होना चाहिए। इसका संचालन प्राइवेट फर्म के माध्यम से होगी। स्वचालित परीक्षण स्टेशन की लागत लगभग ढाई रोड़ रुपये है। इसके बनने के बाद सभी वाहनों के फिटनेस की जांच मशीन के जरिए होगी। इससे वाहनों की और बेहतर जांच हो सकेगी।