ज्ञानपुर। भदोही नगर के मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म पीरखांपुर के शिक्षक पर विभागीय शिकंजा कसना शुरू हो गया है। नियुक्ति में फर्जीवाड़ा करने के आरोपी अध्यापक पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसा बोर्ड को पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। शिक्षक से छह साल के वेतन की वसूली भी की जाएगी। जिले में सात वित्तपोषित मदरसे संचालित होते हैं। इनमें दो से ढाई हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पूर्व में मदरसों में शिक्षक से लेकर कर्मचारियों तक की नियुक्तियां ऑफलाइन ही की गई हैं। भदोही नगर के बाजार सलाबत खां निवासी जाहिद अख्तर ने 26 अगस्त 2025 को मदरसा शिक्षा परिषद और अल्पसंख्यक विभाग को पत्र लिखकर मदरसे में शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही के नेतृत्व में शिक्षक अरशद अली के अभिलेखों की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि अरशद की नियुक्ति कूटरचित अभिलेख तैयार कर की गई। जांच में साफ हो गया है कि अरशद अली ने झूठे दस्तावेज बनवाकर न सिर्फ नौकरी पाई, बल्कि साल 2018 से सरकारी वेतन भी लिया, जो सीधे तौर पर धोखाधड़ी और सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल है। नियुक्ति में धांधली करने को लेकर विभाग अब उक्त आरोपी शिक्षक पर प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी में जुट गया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि मदरसा बोर्ड को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मदरसे के 10 शिक्षक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अभिलेखों की जांच की जा रही है।