ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मो. शाहनवाज अहमद सिद्दीकी की अदालत ने पुलिस लॉकअप से चोरी के आरोपी को भागने के मामले में मुंशी को दोषमुक्त करते हुए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार दूबे के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज करते हुए जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। अभियोजन के मुताबिक 18 सितंबर 2016 को चोरी के आरोपी वकील बिंद निवासी विजयीपुर को पुलिस ने न्यायलीय कार्यवाही पूर्ण कर गोपीगंज कोतवाली के लॉकअप में बंद किया गया। रात में आरोपी लॉकअप से भाग गया। तत्कालीन थाना प्रभारी अरूण कुमार दूबे के मुताबिक जब वे गश्त से लौटे तो सुबह चार बजकर 30 मिनट पर वकील बिंद लॉकअप का एक राड तोड़कर भाग गया था। उस दौरान मुंशी रमेश चंद्र तिवारी और होमगार्ड शिवचंद्र पाल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। दोनों को निलंबित भी किया गया था। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना की तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार दूबे ने रमेश चंद्र तिवारी के खिलाफ झूठा एफआईआर दर्ज कराया और उसके अधिकारों का हनन किया। उसे सामाजिक एवं मानसिक स्थितियों का सामना करना पड़ा। ऐसी स्थिति में वादी मुकदमा अरूण कुमार दूबे के खिलाफ धारा 250 के तहत प्रकीर्णवाद दर्ज किया जाए। मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रेरणा सहन करने के कारण वादी मुकदमा से क्षतिपूर्ति भी दिलाया जाए। कोर्ट ने रमेश चंद्र तिवारी को दोषमुक्त कर दिया।