भदोही। पिछले दो सप्ताह से तापमान 44-45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लोग घर के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में बिजली की स्थिति भी बदतर होती जा रही है। आपात कटौती से लोग तंग आ चुके हैं। घर में यदि बिजली है भी लोग दावे से नहीं कह सकते कि अगले पांच मिनट तक रहेगी। इसको दुकानदारों में भारी रोष है। ईद की तैयारियों का समय है और खरीदारी के दौर में बिजली कटौती लोगों के लिए भारी पड़ रही है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के समय बिजली गुल रही। मस्जिदें नमाजियों से खचाखच भरी रहीं लेकिन बिजली न होने से लोग पसीने से तरबतर रहे। एक-एक घंटे में ट्रिपिंग भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी नहीं रोक पा रहे हैं। इससे स्थिति दयनीय हो गई है। सबसे अधिक परेशानी बाजार के दुकानदारों को है जो एक उम्मीद लगाकर सुबह दुकान खोलते हैं और शाम तक बिजली की आंख मिचौली उनके उम्मीद पर पानी फेर रहा होता है। कटरा बाजार के दुकानदार मुकेश गुप्ता, शरीफ अहमद, जमील अहमद ने बताया कि शाम होते ही दुकानदारी ठप हो जाती है। बिजली बिन सब सून हो जाता है। अगर घोषित कटौती हो तो इतनी दिक्कत न हो। लोगों ने बताया कि ऐसा नहीं है कि रात को घर में आराम है। रात में भी बिजली ऐसी नहीं मिल पा रही है कि लोग चैन की नीद सो सके। कुल मिलाकर हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। भदोही विद्युत उपकेंद्र के एक्सईएन अभिषेक यादव ने बताया कि अप्रैल महीने में शहरी क्षेत्रों को प्रतिदिन 21 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को प्रतिदिन 16 घंटे बिजली देने का रोस्टर है। हमारे उपकेंद्र से आपूर्ति रोस्टर के हिसाब से ही की जाती है। लेकिन जब मांग और उत्पादन में असंतुलन होता है तो आपात कटौती के निर्देश आते हैं जिसका पालन करना होता है। शुक्रवार को बदहाल विद्युत कटौती पर उन्होंने कहा कि समस्या आपात कटौती की है जो हमारे स्तर से नहीं है। बताया कि कुल मिलाकर हमारे पास 12 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होनी है जो सामान्य बात है।