ज्ञानपुर (भदोही)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को निष्पक्ष एवं पारदर्शी कराने की पहल राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दी है। आयोग की तरफ से चुनाव से पूर्व एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से मतदाता सूची की जांच कराई गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। भदोही में दो लाख 34 हजार 333 डुप्लीकेट मतदाता मिले। औराई में सबसे ज्यादा 58,452 और अभोली में सबसे कम 18 हजार 781 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। अब बीएलओ ऐसे नामों का सत्यापन कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हर पांच साल में लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायत चुनाव होते हैं। मतदाता सूची में नाम बढ़ाने के साथ ही गड़बड़ नामों को हटाया जाता है। चुनाव से करीब एक साल पूर्व यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें, 26 जिला पंचायत, 835 क्षेत्र पंचायत के साथ नौ हजार के करीब ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं। इसमें 10 लाख 93 हजार मतदाता पंजीकृत हैं। 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव से पूर्व राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पकड़ने के लिए एआई तकनीकी का इस्तेमाल किया। भदोही में दो लाख 34 हजार 333 मतदाता संभावित डुप्लीकेट पाए गए हैं। पुनरीक्षण अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान मृतकों के नाम और दोहरे नामों को सूची से हटाया जाएगा। सिस्टम में मिले 2.34 लाख डुप्लीकेट वोटरों का भी सत्यापन कराया जा रहा है, जो 29 सितंबर तक पूर्ण किया जाएगा। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 10 लाख 93 हजार 225 मतदाता हैं। राज्य निर्वाचन आयोग से जारी सूची के बाद पुनरीक्षण कार्य व सत्यापन के लिए जिला निर्वाचन विभाग ने 701 बीएलओ लगाए हैं। इसके अलावा 125 सुपरवाइजर भी इसमें शामिल हैं। एडीएम, एसडीएम, तीनों एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और एडीओ को नोडल बनाया गया है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस कार्य को बीएलओ 29 सितंबर तक करेंगे। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट भेंजें। राज्य निर्वाचन आयोग से संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जारी होने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय से ग्राम पंचायतवार सूची बनाई गई है। ब्लाॅक और तहसील स्तर पर इन्हें भेजा गया है। इसी के आधार पर अब बीएलओ सत्यापन कर रहे हैं। इसमें सूची में दर्ज नाम का मिलान कराया जाएगा। गांव के लोगों से जानकारी करेंगे। सही पाए जाने के पर आधार कार्ड के चार अंकों को सूची में दर्ज करेंगे। न मिलने वाले मतदाता के नाम के हटाए जाएंगे।