ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कृषि संकाय की पढ़ाई दो साल बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। पांच करोड़ 50 लाख की लागत से भवन बनकर तैयार है, लेकिन पद सृजन न होने से कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। इससे युवाओं को दूसरे जिलों में जाना पड़ रहा है।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक, परास्नातक संग बीएड सहित 35 से अधिक विषयों की पढ़ाई होती है। छह साल पूर्व 2016-17 में तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान में बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कॉलेज में कृषि संकाय की पढ़ाई के लिए तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखा था। उस पर स्वीकृति मिलने पर वेदपुर में पांच करोड़ 50 लाख की लागत से भवन का निर्माण कराया गया। 2020 में कार्यदायी संस्था ने भवन हैंडओवर कर दिया। उसके बाद लगा कि जिले के होनहारों को कृषि संकाय की पढ़ाई जिले में ही नसीब होगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका। इसके पीछे कॉलेज में पद सृजन को माना जा रहा है। संकाय में कृषि से जुड़े 13 विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी। संकाय का संचालन न होने से पढ़ने की उम्मीद लगाए युवाओं को काफी झटका लगा है। ज्ञानपुर के अनूप सरोज ने कहा कि कृषि संकाय से पढ़ाई करनी थी, लेकिन कक्षा संचालन न होने से प्रयागराज के एक कॉलेज से डी-फार्मा किया।
ज्ञानपुर। कृषि संकाय में 13 विषयों की पढ़ाई के लिए 35 प्राध्यापक, 13 लैब असिस्टेंट, 15 लैब संवाहक व 13 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की जरूरत है। प्राचार्य डा. पीएन डोंगरे का कहना रहा कि पद सृजन कर तैनाती करने का मामला शासन स्तर का है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जब प्राध्यापक व अन्य शिक्षणेतर कर्मियों की तैनाती हो जाएगी, तभी संकाय का संचालन संभव हो सकेगा।