गोपीगंज। नगर के कठौता स्थित लान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को कथा वाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री ने शिव-सती संवाद और ध्रुव चरित्र की कथा का विस्तार से वर्णन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य संयम की नितांत आवश्यकता होती है। भक्त ध्रुव ने तपस्या कर श्रीहरि को प्रसन्न किया। भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं है। भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा बच्चों को देनी चाहिए। कहा कि व्यक्ति के कर्म के अनुसार ही फल की प्राप्ति होती है। ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा के परिणाम स्वरूप ही ध्रुव को बैकुंठ लोक प्राप्त हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण मौजूद रहे।