ज्ञानपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल के निस्तारण की समीक्षा ली। इस दौरान लापरवाही बरतने पर अधिशासी अभियंता विद्युत ज्ञानपुर और एसडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि जबकि डीएसओ, ईओ खमरिया, एक्सईएन विद्युत भदोही को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। अफसरों को लंबित मामलों का निस्तारण एक सप्ताह में करने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की निगरानी शासन स्तर से की जाती है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों को अधिकारी गंभीरता से लेकर निस्तारण करें। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 53 प्रार्थना पत्र लंबित है जबकि 30 डिफाल्टर। कहा कि मामले डिफाल्टर न होने पाएं। डिफाल्टर होने पर कार्रवाई होगी। इसके बाद जिलाधिकरी ने जिला गंगा समिति की बैठक ली। जिसमें गंगा समिति के तहत विभिन्न विभागों की ओर से अप्रैल और मई में कराए जाने वाले कार्यो के कार्ययोजना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्थापित हो रहे %अमृत सरोवर तालाबों% पर 75 पौधों का रोपण एवं %अमृत महोत्सव उद्यान% की स्थापना पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाने के लिये सभी विभाग जन मानस का सहयोग लेते काम करें। ज्ञानपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वृक्षारोपण समिति की बैठक हुई। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार आर्य ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए 2022-23 में 13 लाख 72 हजार 770 पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। बताया कि वन विभाग को चार लाख, पर्यावरण विभाग को 45 हजार 374, ग्राम विकास विभाग पांच लाख 19 हजार 540, राजस्व विभाग को 59 हजार 220 सहित अन्य विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि कार्ययोजना के हिसाब से वृक्षारोपण की तैयारी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाए।